भारत की पंचवर्षीय योजनाओं का कालक्रम: केंद्रीय योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था से बाजार उदारीकरण तक”

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1. पृष्ठभूमि और उदय

  • भारत में योजना आयोग का गठन ‘केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक प्रस्ताव द्वारा 15 मार्च 1950 को’ हुआ था, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते थे (जवाहरलाल नेहरू पहले अध्यक्ष थे)।
  • इसका उद्देश्य ‘सोच-समझकर बनाई गई नीति के माध्यम से, संसाधनों के प्रभावीो और कुशल उपयोग व आवंटन द्वारा तीव्र आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और पूर्ण रोजगार सुरक्षित करना’ था।

2. पंचवर्षीय योजनाएँ और उनका ऐतिहासिक महत्व

प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951 – 1956)

  • हेरोड-डोमर मॉडल का अनुसरण किया गया था।
  • विभाजन के बाद खाद्यान्न की कमी के कारण कृषि, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के विकास पर जोर दिया गया था।
  • भाखड़ा नांगल और हीराकुंड जैसी पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ शुरू की गईं।

द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956 – 1961)

  • महालनोबिस मॉडल का अनुसरण किया गया था।
  • इसका मुख्य फोकस भारी उद्योगों पर था।
  • इसे भारत की औद्योगिक योजना के रूप में भी जाना जाता है; इसी दौरान भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर इस्पात संयंत्रों का निर्माण किया गया था।

तृतीय पंचवर्षीय योजना (1961 – 1966)

  • देश को आत्मनिर्भर बनाना इसका लक्ष्य था।
  • हालाँकि, 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और 1965-66 की खराब फसल (एक गंभीर सूखा) के कारण यह योजना पूरी नहीं हो सकी।
  • परिणामस्वरूप, तीन साल के ‘योजना अवकाश’ (Plan Holiday) की घोषणा की गई, जिसके दौरान पाँच साल की योजनाओं के बजाय वार्षिक योजनाएँ तैयार की गईं। इस अवधि के दौरान, हरित क्रांति की नींव रखी गई थी।
  • इस अवधि को ‘स्थिरता के साथ विकास’ और ‘गरीबी हटाو’ के वर्ष के रूप में भी जाना जाता है।

चौथी पंचवर्षीय योजना (1969 – 1974)

  • ‘गरीबी हटाو’ (गरीबी उन्मूलन) इंदिरा गांधी का नारा था, जिन्होंने सक्रिय विदेश नीति और आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया। उनकी सरकार ने 1969 में 14 प्रमुख व्यावसायिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया।
  • भारत ने 1974 में अपना पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण (“स्माइलिंग बुद्धा”) किया, जो पाँचवीं पंचवर्षीय योजना के विषय से अधिक मेल खाता है।

पाँचवीं पंचवर्षीय योजना (1974 – 1979)

  • गरीबी से मुकाबला करना और आत्मनिर्भरता प्राप्त करना इसका लक्ष्य था। पहली बार न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम (Minimum Needs Programme) शुरू किया गया था।
  • जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद, पाँचवीं पंचवर्षीय योजना को उसकी समाप्ति तिथि से एक वर्ष पहले (1978 में) समाप्त कर दिया गया और उसकी जगह ‘रोलिंग प्लान’ लाया गया।

3. योजना आयोग का विघटन और नीति आयोग (NITI Aayog) का उदय

लगातार बारह पंचवर्षीय योजनाओं के बाद, 31 दिसंबर 2014 को योजना आयोग को भंग कर दिया गया (1 जनवरी 2015 को नीति आयोग का गठन किया गया)। ‘सहकारी संघवाद’ के सिद्धांतों के अनुसार नए विकास थिंक टैंक का गठन किया गया, जो विकास योजना के लिए नीचे से ऊपर (bottom-up) के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।

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